योगी सरकार के एजेंडे में यूपी के युवा, लखनऊ-गोरखपुर समेत कई जिलों में रोजगार मेला, 15 हजार को मिलेगी नौकरी!

योगी सरकार के एजेंडे में यूपी के युवा, लखनऊ-गोरखपुर समेत कई जिलों में रोजगार मेला, 15 हजार को मिलेगी नौकरी!

Employment Fair 2025 In Up

Employment Fair 2025 In Up

लखनऊ: Employment Fair 2025 In Up: उत्तर प्रदेश में जो युवा नौकरी की खोज कर रहें उनके लिए अच्छी खबर है. योगी सरकार बेरोजगार युवाओं के लिए नौकरी का सुनहरा अवसर लेकर आ रही है. इसको लेकर सरकार विभिन्न कंपनियों के साथ मिलकर कई जिलों में बड़े पैमाने पर रोजगार मेले का आयोजन करने जा रही है. आइए जानते हैं कि जॉब फेयर कितने पदों के लिए और कौन- कौन से जिले में आयोजित होगा.

राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार कपिल देव अग्रवाल ने विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए बताया कि लखनऊ, गोरखपुर, झांसी, वाराणसी और मुजफ्फरनगर में रोजगार मेलों का आयोजन किया जाएगा. जिनमें लगभग 100 कंपनियों की भागीदारी और 15,000 से अधिक वैकेंसी की संभावना है.

उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन मुख्यालय में आयोजित बैठक में दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना (DDU-GKY) की प्रगति भी बताई गई. जिसके अनुसार अब तक करीब 2.59 लाख युवाओं को ट्रेनिंग दी गई है. लगभग 2.33 लाख का मूल्यांकन हुआ है. साथ ही करीब 1.52 लाख युवाओं को रोजगार मिल चुका है. योजना के नए चरण डीडीयू 2.0 के लिए ट्रेनिंग भागीदारी के आवेदन हो रहे हैं और चयन प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है.

प्रोजेक्ट प्रवीण योजना के तहत पिछले 3 साल में स्कूलों की संख्या और नामांकन में बढ़ोतरी हुई है. इस साल के 62,326 छात्रों के लक्ष्य के मुकाबले करीब 23,000 बच्चों का नामांकन हो चुका है. इसके साथ ही अब एडिट स्कूलों को भी इस योजना में शामिल करने की मंजूरी मिल गई है.

कौशल प्रतियोगिताओं में प्रदेश के उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए इंडिया स्किल्स प्रतियोगिता 2025 के लिए प्रदेश में 1,09,249 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया है, जो देश में सर्वाधिक संख्या है. जनपद स्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन पूर्ण हो चुका है और मंडल स्तरीय प्रतियोगिताएं 1 से 10 दिसंबर के मध्य आयोजित होंगी. जबकि राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं 20 दिसंबर से 20 जनवरी के बीच पूरी की जाएंगी.

प्रशिक्षकों की क्षमता वृद्धि के लिए कौशल विकास नेटवर्क (वाधवानी संस्था) के साथ समझौता ज्ञापन के अंतर्गत प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारम्भ किए गए हैं. सहारनपुर मंडल के 23 प्रशिक्षकों की ट्रेनिंग राजकीय ITI मुजफ्फरनगर में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया. इसी प्रकार लखनऊ, अयोध्या, बस्ती सहित अन्य मंडलों में भी प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रस्तावित हैं. प्रशिक्षण की गुणवत्ता को और मजबूत करने के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की तथा मलवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान जयपुर को नॉलेज पार्टनर बनाया गया है तथा भारतीय प्रबंधन संस्थान लखनऊ सहित अन्य प्रमुख संस्थानों को भी इसमें शामिल करने की प्रक्रिया जारी है, जिससे पाठ्यक्रम विकास, मूल्यांकन सुधार और उद्योगों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित होगा.

मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का प्रत्येक युवा हुनरमंद बने और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई देने में अपनी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाए. उन्होंने बैठक में मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रदेश के सभी इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग सेंटर और प्रशिक्षण केंद्रों की वास्तविक समय आधारित निगरानी सुनिश्चित की जाए. प्रशिक्षकों की उपस्थिति और प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए. और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले संस्थानों को प्रोत्साहित किया जाए, जबकि कमजोर प्रदर्शन वाले संस्थानों से लिखित स्पष्टीकरण प्राप्त किया जाए. उन्होंने यह भी कहा कि उद्योगों की मांग और युवाओं की रुचि के अनुरूप नए व्यवसाय आरम्भ किए जाएं और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार क्षेत्रों का उन्नयन किया जाए, ताकि युवाओं को उनके जनपद में ही बेहतर रोजगार के अवसर मिल सकें.